फ़ालेह अलफ़य्याज़ ने जो स्वयं सेवी बल के प्रमुख भी हैं, सोमवार को एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि इराक़ का वर्तमान संकट, दो चरणों को पीछे छोड़ चुका है। उन्होंने कहा कि इराक़ के वरिष्ठ धार्मिक नेतृत्व का बयान पूरी तरह से स्पष्ट था और इस बयान में संकट के समाधान के मार्ग निर्धारित किए गए थे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की समाप्ति और आर्थिक सुधार व विकास केवल सरकार की छाया में ही संभव है।
कर्बला में इराक़ के वरिष्ठ धर्मगुरू आयतुल्लाहिल उज़मा सीस्तानी के प्रतिनिधि अहमद अस्साफ़ी ने देश के विभिन्न शहरों में होने वाले विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया जताते हुए देश की तीनों पालिकाओं को वास्तविक सुधार की सिफ़ारिश की थी और जनता व सुरक्षा बलों से प्रदर्शनों के दौरान संयम से काम लेन पर बल दिया था। इराक़ में बेरोज़गारी, आर्थिक समस्याओं और सार्वजनिक सुविधाओं की ख़राब स्थिति को लेकर कई शहरों में प्रदर्शन हुए थे लेकिन प्रधानमंत्री आदिल अब्दुल महदी द्वारा प्रदर्शनकारियों की मांगें स्वीकार किए जाने के बाद रविवार से स्थिति सामान्य होने लगी है। प्रमाणों से पता चलता है कि प्रदर्शनों को हिंसक रंग देने में बाहरी शक्तियों का हाथ था।